मानव जीवन में कर्म और भाग दोनों है,कर्म करने में मानव स्वतंत्र है फल भोगने में प्रतंत्र है ।4 जून 2026
मानवको,मानता बोध कराती है वेद,वेद ही मानव मात्र के ज्ञान है,ज्ञान न हो तो कर्म का करना सम्भव नहीं ।11 मई 2026